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Genral knowledge:786 का मतलब क्या होता है?

नमस्कार दोस्तो, आज हम बात करेंगे कुछ नया रोचक जानकरी के बारे में जो रोजाना  इस्तेमाल करते हैं 

प्रश्न . गारंटी और वारंटी में क्या अंतर होता है? 

Answer: गारंटी और वारंटी दोनों अलग-अलग चीजें हैं। वारंटी कंपनी की तरफ से दी जाती है। जब आप कोई सामान खरीदते हैं तो कंपनी कुछ समय के लिए मुफ्त में उसे ठीक करने की वारंटी देती है। अगर सामान खराब हो जाए तो कंपनी उसे बदल देगी या ठीक कर देगी। गारंटी दुकानदार की तरफ से दी जाती है। इसमें दुकानदार वादा करता है कि अगर सामान में कोई समस्या आई तो वो उसे ठीक करवा देगा। वारंटी हमेशा लिखित में मिलती है जबकि गारंटी लिखित या मौखिक हो सकती है।

प्रश्न . वकील और जज में क्या अंतर होता है?

Answer: वकील और जज दोनों कानून से जुड़े होते हैं लेकिन उनका काम अलग है। वकील किसी एक पक्ष की तरफ से केस लड़ता है। वो अपने मुवक्किल के लिए तर्क देता है और उसे जिताने की कोशिश करता है। वकील को फीस मिलती है। जज वो होता है जो दोनों पक्षों की बातें सुनकर फैसला देता है। जज निष्पक्ष होता है और किसी का पक्ष नहीं लेता। वो केवल कानून और सबूतों के आधार पर फैसला करता है। जज सरकारी कर्मचारी होता है और उसे वेतन मिलता है।

प्रश्न . 786 का मतलब क्या होता है?

Answer: 786 नंबर इस्लाम धर्म में बहुत खास माना जाता है। यह अरबी भाषा के शब्द बिस्मिल्लाह का नंबर रूप है। बिस्मिल्लाह का मतलब होता है अल्लाह के नाम पर। अरबी में हर अक्षर की एक संख्या होती है और जब बिस्मिल्लाह-इर-रहमान-इर-रहीम के सभी अक्षरों की संख्या जोड़ी जाती है तो 786 आता है। मुस्लिम लोग इस नंबर को बहुत शुभ मानते हैं और इसे अपनी गाड़ियों, दुकानों और घरों पर लिखते हैं। माना जाता है कि यह नंबर अल्लाह की रहमत का प्रतीक है।

प्रश्न . 0 यानी शून्य की खोज किसने की?

Answer: शून्य की खोज भारत के महान गणितज्ञ आर्यभट्ट ने की थी। यह भारत की सबसे बड़ी देन है पूरी दुनिया को। शून्य के बिना गणित अधूरा है। 0 का मतलब कुछ नहीं होता लेकिन जब इसे किसी नंबर के साथ लगाएं तो वो नंबर 10 गुना बढ़ जाता है। जैसे 1 के साथ 0 लगाने से 10 हो जाता है। बिना शून्य के कंप्यूटर, मोबाइल कुछ भी नहीं चल सकता। यह भारत का गर्व है।

प्रश्न . गांधी जी किस जाति के थे?

Answer: महात्मा गांधी मोधवानिया बनिया जाति से थे। यह गुजरात की एक व्यापारी जाति है। उनके पिता करमचंद गांधी पोरबंदर के दीवान थे यानी वहां के मुख्य अधिकारी थे। गांधी जी ने अपने पूरे जीवन में सभी जातियों के लोगों को बराबर माना और छुआछूत के खिलाफ काम किया। उन्होंने कहा था कि सभी इंसान एक जैसे हैं और किसी को भी जाति के नाम पर नीचा नहीं समझना चाहिए।

Disclaimer: यह जानकारी सामान्य ज्ञान और daily updates से जुड़ी आम जानकारियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना और  doubt दूर करना है।

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