नमस्कार दोस्तो आज हम बात करेंगे कैसे सवालो पर जो हर किसी को जानना चाहिए जो स्वास्थ्य से जुड़े हैं जिंदगी में कुछ छोटी-छोटी बातें होती हैं जो बहुत जरूरी होती हैं लेकिन हम अक्सर उन पर ध्यान नहीं देते। ये छोटी बातें हमारी सेहत, हमारे घर और हमारे बच्चों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
प्रश्न . चॉकलेट में किस जानवर की चर्बी मिलाई जाती है?
Answer: आमतौर पर चॉकलेट में किसी भी जानवर की चर्बी नहीं मिलाई जाती। असली चॉकलेट कोको बीन्स से बने कोको बटर से बनती है, जो पूरी तरह पौधों से मिलता है।
प्रश्न . कोको बटर क्या होता है?
Answer: कोको बटर कोको बीन्स से निकाला गया प्राकृतिक फैट होता है। यही चॉकलेट को स्मूद बनाता है और मुँह में पिघलने वाला एहसास देता है।
प्रश्न 1. मेहंदी जितनी देर बालों पर लगेगी उतनी ही क्या होगा?
Answer: मेहंदी जितनी देर बालों पर लगी रहेगी, बाल उतने ही काले और मजबूत होंगे। मेहंदी कम से कम 2-3 घंटे बालों पर लगाकर रखनी चाहिए। अगर रात भर लगाकर रखें तो और भी अच्छा रंग आता है। मेहंदी बालों को पोषण देती है और बालों का झड़ना कम करती है।
प्रश्न:नमक खाने में ही क्यों डाला जाता है?
Answer: नमक खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ शरीर के लिए भी ज़रूरी होता है। बिना नमक के खाना फीका लगता है और शरीर को ज़रूरी तत्व भी नहीं मिल पाते।
प्रश्न . पानी पीते समय गिलास क्यों इस्तेमाल करते हैं?Answer: गिलास से पानी पीने पर पानी साफ़ रहता है और मुँह में सही मात्रा में जाता है। इससे पानी बर्बाद भी नहीं होता और पीना आसान रहता है।
प्रश्न . क्या शाकाहारी लोग चॉकलेट खा सकते हैं?
Answer: ज़्यादातर चॉकलेट शाकाहारी होती हैं। सिर्फ़ दूध वाली चॉकलेट में दूध होता है, लेकिन जानवर की चर्बी नहीं।
प्रश्न . सुबह उठकर पानी पीना क्यों अच्छा माना जाता है?
Answer: सुबह उठकर पानी पीने से शरीर अंदर से साफ़ होता है। इससे पेट ठीक रहता है और दिन की शुरुआत ताज़गी के साथ होती है।
प्रश्न 1. गंगाजल कभी खराब क्यों नहीं होता है?Answer: गंगाजल लंबे समय तक खराब नहीं होता, क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पानी को सड़ने नहीं देते। पुराने समय से लोग गंगाजल को बोतल में सालों तक संभालकर रखते आए हैं। आम पानी में जहाँ बदबू आ जाती है, वहीं गंगाजल में ऐसा जल्दी नहीं होता। इसी वजह से पूजा-पाठ में इसका विशेष महत्व माना जाता है
प्रश्न . दही-शक्कर क्यों खिलाई जाती है?
Answer: किसी भी शुभ काम से पहले दही-शक्कर खिलाने की परंपरा है। यह एक मीठी शुरुआत का प्रतीक है। दही-शक्कर खाने से मन शांत रहता है और घबराहट कम होती है। दही में अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो पाचन के लिए फायदेमंद हैं। परीक्षा से पहले, नई नौकरी पर जाने से पहले, या कोई महत्वपूर्ण काम करने से पहले दही-शक्कर खिलाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि इससे काम सफल होता है और मीठा परिणाम मिलता है। दही ठंडा होता है इसलिए यह शरीर और दिमाग को ठंडक देता है। शक्कर तुरंत ऊर्जा देती है।
Disclaimer: यह जानकारी सामान्य ज्ञान और खाद्य पदार्थों से जुड़ी आम जानकारियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना और daily life doubt दूर करना है।
